खैरागढ़। अंकित महोबिया - सुबह भक्ति, आस्था और मनोकामना पूर्ति की खुशियों से शुरू हुई यात्रा शाम होते-होते दर्दनाक हादसे में बदल गई। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आस्था केंद्र सिद्धि माता संडी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप सहसपुर धमधा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कुल 22 लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार खैरागढ़ क्षेत्र के ग्राम मंडला से करीब दो दर्जन ग्रामीण श्रद्धालु सिद्धि माता मंदिर में मनोकामना पूर्ति के लिए बकरे की बलि चढ़ाकर लौट रहे थे। सिद्धि माता मंदिर वर्षों पुरानी आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बलि अर्पित करते हैं। पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद सभी श्रद्धालु उत्साह के साथ गांव की ओर रवाना हुए थे। इसी दौरान सहसपुर देवका के पास उनकी पिकअप अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन तेज रफ्तार में था। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धमधा बीएमओ डॉ. रचना अग्रवाल ने पुष्टि की कि दुर्घटना में 22 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। तीन घायलों को धमधा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही धमधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में चालक के शराब के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। सुबह जहां माता के जयकारों से वातावरण गूंज रहा था, वहीं शाम तक अस्पतालों के बाहर चिंता और सन्नाटा पसरा दिखा। परिजन अपने प्रियजनों की कुशलता की खबर पाने के लिए व्याकुल नजर आए। फिलहाल प्रशासन घायलों के उपचार पर नजर बनाए हुए है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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