खैरागढ़– जिले में अप्रैल के पहले सप्ताह से ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने लू (तापाघात) से बचाव के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू करते हुए नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि वर्तमान मौसम में तेज धूप, उच्च तापमान और शुष्क वातावरण के कारण हीट-स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। उन्होंने चेताया कि थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों को लू की चपेट में ला सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार खेतों में कार्यरत किसान, निर्माण कार्य में लगे श्रमिक, यातायात कर्मी तथा बाजार और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर डीहाइड्रेट हो जाता है, जिससे पानी और जरूरी खनिज लवणों की कमी हो जाती है। इसके चलते शरीर का तापमान बढ़ना, तेज प्यास लगना, यूरिन कम आना, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी और गंभीर स्थिति में बेहोशी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। प्रशासन की अपील बरतें ये सावधानियां जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें। बाहर जाते समय सिर, कान और गर्दन को कपड़े या गमछे से ढकें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और छाता या टोपी का उपयोग करें। पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी, लस्सी और ओआरएस का सेवन करें तथा खाली पेट घर से बाहर न निकलें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। लक्षण दिखें तो तुरंत करें प्राथमिक उपचार डॉ. शर्मा ने बताया कि लू लगने की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर लिटाएं, शरीर को गीले कपड़े से ठंडा करें और ठंडी पट्टियां लगाएं। मरीज के होश में होने पर ओआरएस घोल, ठंडा पानी या कच्चे आम का पना दिया जा सकता है, लेकिन बेहोशी की स्थिति में कुछ भी खाने-पीने को न दें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराना जरूरी है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले के सिविल अस्पताल सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लू प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाइयां, ओआरएस और आईवी फ्लूड की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में सतर्कता और जागरूकता ही लू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। स्वयं सावधान रहें और दूसरों को भी जागरूक करें ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
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