रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को राजधानी रायपुर के तूता मैदान में आयोजित विधानसभा घेराव और धरना-प्रदर्शन में केसीजी जिले के 600 से अधिक प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल शिक्षक शामिल हुए। हजारों शिक्षकों की मौजूदगी से तूता मैदान जनसैलाब में तब्दील हो गया, जहां शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। केसीजी जिले से शिक्षक तड़के ही खैरागढ़ और छुईखदान से रायपुर के लिए रवाना हुए। जिलाध्यक्ष रामलाल साहू के नेतृत्व में शिक्षकों ने प्रदर्शन में भाग लेते हुए "एक पद-एक वेतन", TET विसंगति दूर करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, VSK ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में सुधार सहित कई मांगों को बुलंद किया। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, संयोजक मनीष मिश्रा और बसंत कौशिक के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में प्रदेशभर से हजारों शिक्षक जुटे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।जिलाध्यक्ष रामलाल साहू ने कहा कि केसीजी के शिक्षकों ने अनुशासित और एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष और तेज होगा। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे सक्रिय कर्मचारी संगठन बनकर उभरा है। आंदोलन में महिला शिक्षिकाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिला विंग की सुनीता ठाकुर और लुमेश्वरी साहू के नेतृत्व में ज्योति अग्रवाल, डॉ. पद्मा साहू, माहेश्वरी मरकाम, ज्योति केहरी, नेहा सिंह, अनामिका सहित सैकड़ों महिला शिक्षिकाएं प्रदर्शन में शामिल हुईं। इसके अलावा ब्लॉक अध्यक्ष टीकाराम देशमुख (छुईखदान), दुर्गेश कुमार सोनी (खैरागढ़) सहित जिले के विभिन्न पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक आंदोलन में शामिल रहे। अंत में जिलाध्यक्ष रामलाल साहू ने आंदोलन में शामिल सभी 600 से अधिक शिक्षक साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक सरकार शिक्षकों की जायज मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक प्रांतीय निर्देशानुसार आंदोलन जारी रहेगा और प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के शिक्षक हर स्तर पर एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
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