डोंगरगढ़।अंकित महोबिया - पवित्र सावन मास के अवसर पर धर्मनगरी डोंगरगढ़ स्थित प्रसिद्ध श्री जटाशंकर महादेव मंदिर, शिवधाम पर्वत में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा शिवधाम पर्वत “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गुंजायमान रहा। सावन के पावन अवसर पर शिवभक्तों ने भगवान जटाशंकर महादेव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र की खुशहाली तथा सर्वजन कल्याण की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति से शिवधाम का वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया। इसी क्रम में शक्ति वाहिनी की सदस्यों ने भी शिवधाम पर्वत पहुंचकर श्री जटाशंकर महादेव का विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजन किया। पूजा-अर्चना के पश्चात सामूहिक आरती की गई तथा 121 राम नाम की मालाओं का जाप कर भगवान शिव से क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों को प्रसादी का वितरण किया गया।
चट्टानों के बीच विराजमान हैं जटाशंकर महादेव
शक्ति वाहिनी की सदस्य ज्योति बड़वाइक ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि डोंगरगढ़ क्षेत्र भगवान शिव की प्राचीन आस्था और धार्मिक परंपराओं की भूमि है। यहां अनेक ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं, जहां वर्षों से श्रद्धालु श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। इनमें ऊंचे पर्वत पर चट्टानों के मध्य विराजमान श्री जटाशंकर महादेव का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने बताया कि लगभग दो एकड़ क्षेत्र में फैला शिवधाम पर्वत प्राकृतिक चट्टानों, हरियाली और शांत वातावरण से घिरा हुआ है। पर्वत की ऊंचाई और यहां की आध्यात्मिक अनुभूति श्रद्धालुओं को एक अलग ही शांति प्रदान करती है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से भगवान जटाशंकर महादेव की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही आस्था सावन सहित पूरे वर्ष श्रद्धालुओं को यहां खींच लाती है।
आस्था के साथ प्रकृति की सुंदरता का संगम
शिवधाम पर्वत धार्मिक एवं आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। सावन में बारिश और हरियाली के बीच पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और भी निखर उठती है। चट्टानों के बीच स्थित भगवान जटाशंकर महादेव का मंदिर श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ प्रकृति के सानिध्य का भी अनुभव कराता है। इस अवसर पर ज्योति बड़वाइक, कीर्ति बड़े, पूजा सिंह राजपूत, सीमा मिश्रा, संजू अग्रवाल, शारदा अग्रवाल, नम्रता सिसोदिया, अंजू चौधरी, नमिता चौबे, शारदा जी, कविता नामदेव, कृष्णा शर्मा, पूनम शर्मा, कविता मोटघरे, ज्योति मोटघरे, नीता मोटघरे, प्रीति पाल, अश्लेषा चौबे सहित बड़ी संख्या में शक्ति वाहिनी की सदस्य एवं शिवभक्त उपस्थित रहे। सावन मास में जटाशंकर शिवधाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और गूंजते “हर-हर महादेव” के जयघोष ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शिवधाम पर्वत केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि डोंगरगढ़ की शिवभक्ति, आस्था, आध्यात्मिक चेतना और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।

