खैरागढ़ : खैरागढ़ विकासखंड के समीपस्थ ग्राम मारूटोलाकला में पहली बार आंचलिक कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन से हुई। कवि धर्मेंद्र जंघेल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया।
गांव के सरपंच राकेश वर्मा, उपसरपंच नरोत्तम निषाद सहित पंचगण व वरिष्ठ नागरिकों द्वारा अतिथि साहित्यकारों का पारंपरिक ढंग से गुलाल और बैच लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद काव्यपाठ का दौर शुरू हुआ, जिसमें अंचल के कवियों ने अपनी-अपनी शैली में प्रस्तुति देकर श्रोताओं को खूब हंसाया भी और सामाजिक सरोकारों से रूबरू भी कराया।
इरईकला से आए कवि शिवप्रसाद साहू ने सरकार की नीतियों और नारी महिमा पर आधारित कविता पढ़ी। खैरागढ़ की डॉ. पद्मा "पर्वणी" साहू ने भक्ति रस से ओतप्रोत "राम नाम" और "हनुमान भक्ति" पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। खमतराई के नवोदित कवि महदीप जंघेल ने मोबाइल की लत, भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर व्यंग्य करते हुए हास्य कविता प्रस्तुत की।
आमगांव के प्रसिद्ध हास्य कवि गुनीराम "बादल" की "शिव-पार्वती बिहाव" कविता पर श्रोता ठहाके लगाते रहे। भरदाकला के दुजराम साहू "अनन्य" ने बचपन की स्मृतियों को "10 पैसा के पिपरमेंट" जैसी रचना से जीवंत कर दिया। छुईखदान के व्यंग्यकार रवि यादव "झोंका" की "लइका बिगड़ गे" कविता ने सभी को गुदगुदाया।
मैनहर के गीतकार धर्मेंद्र जंघेल ने देवार गीत और बांस गीत की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति को मंच पर जीवंत किया। भदेरा के राजकुमार "मसखरे" ने "तैं बने करे राम, मोला चेन्दवा बनाए" कविता से हास्य का रंग जमाया। कवि धर्मेंद्र डहरवाल ने भी हास्य रचना से श्रोताओं को खूब हंसाया।
कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ के लाला जगदलपुरी सम्मान से सम्मानित गंडई निवासी डॉ. पीसी लाल यादव ने "फुलगे गोंदा फूल" जैसी गीतात्मक प्रस्तुति देकर समाज में व्याप्त बुराइयों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कविता की उत्पत्ति और साहित्य की दिशा पर भी अपने विचार साझा किए और नवोदित रचनाकारों को मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार डॉ. सियाराम साहू ने अपने चुटीले अंदाज में किया, जिसमें गांव के ही सनत साहू ने सहयोग दिया। आयोजन की खास बात यह रही कि कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर समापन तक दर्शकों और श्रोताओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति बनी रही।
इस कवि सम्मेलन को सफल बनाने में ग्राम मारूटोलाकला के नवनिर्वाचित युवा सरपंच राकेश वर्मा, उपसरपंच नरोत्तम निषाद, सनत साहू, गोरेलाल वर्मा, सूरज निषाद, कृपाल वर्मा, किशन साहू, ललित साहू, सतीश सेन, रामचंद साहू, अंकालु साहू, गोपी सेन, तरेन्द वर्मा, मिथीलेश साहू, घुरउ साहू, महेश वर्मा, अनिल वर्मा, देवव्रत वर्मा सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।
राष्ट्रीय कवि संगम जिला इकाई खैरागढ़ की अध्यक्ष डॉ. पद्मा साहू पर्वणी ने बताया कि सभी कवि राष्ट्रीय कवि संगम से जुड़कर समाज को साहित्य से जोड़ने एवं उसकी महत्ता को रचनाओं के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

