खैरागढ़। ग्राम पंचायत चिचोला में श्रम विभाग के नाम पर कथित रूप से लगाए गए शिविर के जरिए ग्रामीणों से अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। श्रम कार्ड नवीनीकरण के नाम पर पंचायत भवन में शिविर आयोजित कर सैकड़ों ग्रामीणों से 500 से 1000 रुपये तक की मांग किए जाने के आरोप हैं। मामले के उजागर होते ही पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया है, वहीं विभागीय लापरवाही पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चिचोला में पहले मुनादी कराई गई थी कि श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड नवीनीकरण के लिए विशेष शिविर लगाया जा रहा है। मुनादी में श्रमिकों से अपने पुराने श्रम कार्ड लेकर पंचायत भवन पहुंचने की अपील की गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शुक्रवार को पंचायत भवन पहुंचे।ग्रामीणों का आरोप है कि शिविर में मौजूद लोगों ने श्रम कार्ड नवीनीकरण के बदले 500 से 1000 रुपये तक की मांग की। ग्रामीणों को बताया गया कि शुल्क दिए बिना नवीनीकरण संभव नहीं है। कई लोगों ने मजबूरी में पैसे दिए, जबकि कुछ ने इसका विरोध किया। मामले की जानकारी मिलने पर ग्राम पंचायत चिचोला के सरपंच जितेंद्र वर्मा ने मौके पर पूछताछ की। इस दौरान संबंधित लोगों ने दावा किया कि यह शिविर श्रम विभाग द्वारा नहीं, बल्कि एक सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से लगाया गया है और शुल्क उसी के अनुरूप लिया जा रहा है। वहीं सरपंच का कहना है कि उन्हें पहले जानकारी दी गई थी कि जनपद स्तर से श्रम कार्ड नवीनीकरण के लिए शिविर आयोजित किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पंचायत को यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि शिविर किस सीएससी केंद्र द्वारा संचालित किया जा रहा है। सरपंच ने कहा कि पंचायत की अनुमति या स्पष्ट जानकारी के बिना इस तरह शिविर लगाना और पैसे वसूलना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इसे अवैध वसूली करार दिया। ग्रामीणों का कहना है कि श्रम कार्ड नवीनीकरण एक शासकीय प्रक्रिया है, जो सामान्यतः निःशुल्क या नाममात्र शुल्क में होती है। इसके बावजूद पंचायत भवन में खुलेआम इस तरह की वसूली होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। मामले में श्रम विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। सरपंच जितेंद्र वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की लिखित शिकायत संबंधित विभाग और जनपद पंचायत को दी जाएगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी, ताकि भविष्य में ग्रामीणों के साथ इस तरह की ठगी न हो। घटना के बाद ग्राम पंचायत चिचोला के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि श्रमिक वर्ग पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर है और उनसे इस तरह पैसे वसूलना सरासर अन्याय है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।
श्रीमती उज्ज्वल भोई, सहायक श्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि श्रम विभाग की ओर से किसी भी प्रकार का कोई शिविर आयोजित नहीं किया गया है। यदि कहीं इस नाम पर कोई शिविर लगाया गया है और ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत की जाती है, तो मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

