खैरागढ़ -अंकित महोबिया - शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गातापार जंगल में इन दिनों शिक्षिका और प्रभारी प्राचार्य के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। प्रभारी प्राचार्य डॉ. ममता अग्रवाल ने शिक्षिका श्रीमती रेणु मालवीय द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद और छवि खराब करने की साजिश बताया है। 24 मार्च 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए लिखित आवेदन में डॉ. अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि वे सत्र 2016 से संस्था में पदस्थ हैं और उनके कार्यकाल में कभी भी किसी के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षिका द्वारा लगाए गए मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप तथ्यहीन हैं और जानबूझकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय में सभी कार्य वरिष्ठता क्रम के आधार पर ही बांटे जाते हैं और उपस्थिति पंजी में अनियमितता या कर्मचारियों को अनुचित लाभ देने जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि संबंधित शिक्षिका ने 3 फरवरी से 4 अप्रैल 2026 तक 60 दिनों के अवकाश के लिए आवेदन किया था, जिसे बोर्ड परीक्षाओं के चलते अस्वीकार किया गया। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से मार्गदर्शन भी लिया गया था ताकि परीक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। प्रभारी प्राचार्य ने शिक्षिका के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनका रवैया अक्सर टकरावपूर्ण रहा है जिससे विद्यालय का माहौल प्रभावित हो रहा है और अन्य कर्मचारी असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिक्षिका द्वारा लगातार विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की जा रही हैं यहां तक कि मामला हाईकोर्ट बिलासपुर तक पहुंचा जहां आवेदन खारिज हो चुका है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि संस्था प्रमुख होने के नाते उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यालय में अनुशासन और समन्वय बनाए रखना है लेकिन इस तरह के विवादों से शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। अब पूरे मामले में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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