खैरागढ़ | वीर हनुमान सेवा समिति खैरागढ़ द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह आयोजन समिति का लगातार 15वां सफल आयोजन रहा, जिसमें पूरे नगर की आस्था और उत्साह झलकती दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे हवन-पूजन से की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुचारू और सेवाभाव से परिपूर्ण रही।
शाम को निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा
सांझ ढलते ही नगर की सड़कों पर भक्ति की एक अलग ही छटा देखने को मिली, जब शाम 6 बजे तुरकारी पारा स्थित वीर हनुमान मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध अखाड़ों ने भाग लिया, जिनके रोमांचक प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। विशेषकर बहनों द्वारा प्रस्तुत किए गए आखाड़ा प्रदर्शन ने दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरीं।
शोभायात्रा में डीजे, धुमाल, बग्गी और आकर्षक झांकियों के माध्यम से राम, लक्ष्मण और हनुमान जी की झलकियां प्रस्तुत की गईं। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे, जहां नगरवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत जलपान, शरबत और पुष्प वर्षा से किया।
भक्ति और संगीत का संगम बना समापन समारोह
शोभायात्रा के समापन के पश्चात संगीतमय हनुमान चालीसा के साथ महाआरती का आयोजन हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समिति के सदस्यों और नगर के गणमान्यजनों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से विकेश गुप्ता, राकेश गुप्ता, सुरेश ठाकुर, सुबोधकांत पांडेय, श्रीराम यादव, भूपेंद्र गंगबोइर, पंकज यादव, नीकु श्रीवास, डिगेश सिंह, नरेन्द्र श्रीवास, मनमोहन चंदवानी, शैलेन्द्र यादव, विनोद श्रीवास, अभिषेक गुप्ता, गुंजन सिंह, धर्मेश गुप्ता, कृष महोबे, सन्नी यादव, सुनील यादव, विवेक श्रीवास, आर्यन श्रीवास, तारेश यादव, अनुराग यादव, मानस यादव, नरेश यादव, दुर्गेश यादव, सोनू श्रीवास, नितिन वर्मा, राम यादव, विक्रम यादव, महेश पटेल, राहुल उमरे, वीर श्रीवास, नीरज भट्ट, दीपेश महोबे, निखिल श्रीवास, शौर्य गुप्ता, प्रांजल गुप्ता, वंश गुप्ता, हर्षल गुप्ता, अमन पटवा, शिवम ताम्रकार, लक्की यादव, विकास यादव, प्रीतम ढीमर, अजित यादव, शौर्य, हर्षवर्धन, जय, ऋतुराज, और आरव विशेष रूप से सक्रिय रहे।


