
खैरागढ़। जिले में लगभग दो वर्षों से लंबित प्राथमिक प्रधान पाठकों की पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयास और आंदोलन की चेतावनी के बाद विभाग सक्रिय हुआ और शनिवार 14 मार्च 2026 को कन्या शाला सेजेस स्कूल खैरागढ़ में 44 पदों के लिए काउंसलिंग आयोजित की गई। इससे जिले के कई विद्यालयों को प्रधान पाठक मिल गए हैं, जिससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। ज्ञात हो कि फेडरेशन द्वारा शिक्षक हित में लगातार विभागीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जा रहे थे। पहला ज्ञापन 20 नवंबर 2025 और दूसरा 08 दिसंबर 2025 को दिया गया था। इसके बावजूद वरिष्ठता सूची जारी नहीं होने पर संगठन ने 06 फरवरी 2026 को जिलाध्यक्ष रामलाल साहू के नेतृत्व में अंतिम आवेदन प्रस्तुत करते हुए माह के अंत तक पदोन्नति नहीं होने की स्थिति में कार्यालय घेराव और हड़ताल की चेतावनी दी थी। जिलाध्यक्ष रामलाल साहू के नेतृत्व में दुर्गेश सोनी और टीकाराम देशमुख सहित ब्लॉक अध्यक्षों ने प्रशासन को आंदोलन की संभावित स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद विभाग ने तत्परता दिखाते हुए पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ की और काउंसलिंग आयोजित की गई। इस पूरे प्रयास में संगठन के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। इनमें दोदेश्वर चंदेल, तारण धुर्वे, सुधीर नायक, शिवचरण वर्मा, भिखेन्द जंघेल, राजेश लोधी, संजू कंवर, कोमल कोठारी, बलीराम, कृष्णा वर्मा, भगवती प्रसाद सिन्हा, प्रणय महोबे, युगल किशोर, लेखराम वर्मा, हब्बू कंवर, लोकनाथ देवांगन, संजीव धुर्वे, विक्की नेताम, दिलीप वर्मा, लुमेश्वरी साहू, महेश्वरी मरकाम, ज्योति अग्रवाल, कुसुमलता धुर्वे, भुनेश्वरी लहरें, अनिता जंघेल और अनामिका मेश्राम सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
पदोन्नत शिक्षकों में खुशी का माहौल
दशकों बाद पदोन्नति मिलने से सहायक शिक्षकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। पदोन्नति के साथ वेतन में भी वृद्धि होगी। विभागीय देरी के कारण कई शिक्षकों को पदोन्नति की उम्मीद कम ही रह गई थी। पदोन्नत शिक्षकों में रघुनाथ वर्मा और मोहित दास साहू ने कहा कि जिलाध्यक्ष रामलाल साहू के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने लगातार विभाग के समक्ष आवाज उठाई, जिसके परिणामस्वरूप यह पदोन्नति संभव हो सकी।

