खैरागढ़ । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशानुसार मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में विशेष सर्वे और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद बच्चों की पहचान करना रहा, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है और जो अनाथ, अर्ध-अनाथ हैं या जिनके परिवार उनकी समुचित देखभाल करने में असमर्थ हैं। अभियान के दौरान विभागीय टीम द्वारा संबंधित ग्रामों में घर-घर पहुंचकर बच्चों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही पात्र बच्चों एवं उनके अभिभावकों को मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना की विस्तृत जानकारी दी गई और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन भरवाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। आज ग्राम बसंतपुर, कुम्हारवाड़ा, गातापार एवं तेंदुभाठा में कुल 17 बच्चों का चिन्हांकन किया गया। इनमें अनाथ, अर्ध-अनाथ एवं अन्य जरूरतमंद बच्चों को योजना से जोड़ने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार आदिवासी एवं वनांचल बहुल क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद बच्चों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। मिशन वात्सल्य योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों को शिक्षा, पोषण, सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
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