छुईखदान।अंकित महोबिया - महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना छुईखदान अंतर्गत जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पी. आर. खुटेल एवं परियोजना अधिकारी श्री सुनील बंजारे द्वारा सेक्टर उदयपुर के आंगनबाड़ी केंद्र गोपालपुर, कोड़का, सुराडबरी-01, सुराडबरी-02, सीताडबरी-01, सीताडबरी-02, पुरैना एवं घिरघोली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियों, गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, केंद्रों की साफ-सफाई तथा रेडी-टू-ईट खाद्यान्न के नियमित वितरण का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने सभी सेवाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पोषण वाटिकाओं का भी अवलोकन किया गया। सेक्टर उदयपुर के आंगनबाड़ी केंद्र गोपालपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा केंद्र परिसर में भिंडी, करेला, ग्वारफली, मूली, बैंगन, बरबट्टी, मिर्च सहित विभिन्न प्रकार की पौष्टिक सब्जियों तथा कटहल, मूंगा, जामुन, शहतूत, आम, सीताफल, आंवला, अंगूर सहित अनेक फलदार वृक्षों का सुव्यवस्थित रोपण एवं संरक्षण किया गया है। पोषण वाटिका का रखरखाव, हरियाली एवं पौधों की विविधता स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का अनुकरणीय उदाहरण है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पी. आर. खुटेल एवं परियोजना अधिकारी श्री सुनील बंजारे ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के इस समर्पित एवं सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बताया। इसी प्रकार कोड़का, सुराडबरी-02 एवं पुरैना केंद्रों की पोषण वाटिकाएं भी अच्छी स्थिति में पाई गईं। अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी अधिक से अधिक फलदार एवं पौष्टिक सब्जियों के पौधे लगाकर पोषण वाटिकाओं का विकास एवं नियमित रखरखाव करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पी. आर. खुटेल ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में समृद्ध पोषण वाटिका विकसित करना कुपोषण की रोकथाम एवं पोषण संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं परियोजना अधिकारी श्री सुनील बंजारे ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण ईसीसीई गतिविधियों, स्वच्छता, समय पर गर्म भोजन एवं रेडी-टू-ईट वितरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रत्येक केंद्र में पोषण वाटिका को और अधिक समृद्ध एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए।

