
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) के बाहर शुक्रवार को किसानों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय किसान मोर्चा और फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) के संयुक्त आह्वान पर आयोजित मंत्रालय घेराव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों किसानों, श्रमिकों और महिलाओं ने भाग लेकर नकली खाद, बीज, उर्वरक, कीटनाशक और बायोस्टिमुलेंट्स के अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन का दावा है कि रायपुर पहुंचने से पहले कई स्थानों पर किसानों के वाहनों को शहर की सीमा पर रोकने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद किसान अलग-अलग माध्यमों से मंत्रालय पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन के दौरान राज्यपाल, मुख्य सचिव और कृषि विभाग सहित संबंधित अधिकारियों के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में नकली कृषि आदानों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने, राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। किसानों ने प्रत्येक जिले में संयुक्त जांच दल गठित करने, अधिक मूल्य वसूलने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने और राज्य, जिला व विकासखंड स्तर पर "नकली कृषि आदान निगरानी समिति" बनाकर उसमें किसान संगठनों को प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की। कार्यक्रम में FDLP के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ विभिन्न जिलों के कार्यकर्ता, श्रमिक संगठन और बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी मौजूद रहे, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। भारतीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं FDLP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों की रक्षा और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में निर्णायक शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समयबद्ध तरीके से किसानों की मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन को और व्यापक करेगा। संगठन ने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और कृषि क्षेत्र में पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

