डोंगरगढ़।सोन कुमार सिन्हा - मां बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ को देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 55.45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 8 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ फोरलेन मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट में शामिल की गई थी, जिसके लिए 18 मार्च 2025 को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। प्रस्तावित मार्ग डोंगरगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को एक बेहतर और सुरक्षित संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा।परियोजना के लिए 6.386 हेक्टेयर (करीब 15.78 एकड़) निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे गाजमर्रा, राजकट्टा, कुर्रूभाठ और छीरपानी गांवों के 46 किसान प्रभावित होंगे। प्रभावित किसानों के लिए 6 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की मुआवजा राशि का प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। फोरलेन परिक्रमा पथ बनने के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर, प्रज्ञागिरि बौद्ध विहार, जटाशंकर पहाड़ी, चंद्रगिरि जैन मंदिर, प्रतिभा स्थल, सतनाम तीर्थ और खाटूश्याम मंदिर तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी। इससे हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को लगभग 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लगभग 25 मीटर चौड़े इस फोरलेन मार्ग के निर्माण से यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और डोंगरगढ़ के विकास को नई दिशा मिलेगी।
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