खैरागढ़। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आज राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छुईखदान पहुंचेंगे जिसे लेकर कांग्रेस संगठन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. हालांकि कार्यक्रम से पहले जिले की कांग्रेस राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है. सूत्रों के मुताबिक जिले में कांग्रेस के अलग-अलग गुट इस सम्मेलन के जरिए अपना-अपना शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं. पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं. विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय कई नेता और कार्यकर्ता आपसी विवादों में उलझे नजर आ रहे हैं जिससे संगठन की सक्रियता और एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भूपेश बघेल की मौजूदगी में होने वाला यह सम्मेलन सिर्फ सम्मान समारोह नहीं बल्कि जिले में कांग्रेस की वास्तविक ताकत और संगठनात्मक स्थिति का भी परीक्षण होगा. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रदेश नेतृत्व स्थानीय नेताओं के बीच चल रही खींचतान को खत्म करने में कितना सफल होता है. आगामी नगर पालिका चुनाव को देखते हुए भी यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखने और कार्यकर्ताओं में विश्वास कायम करने की है. पार्टी के भीतर यदि सम्मान और नेतृत्व की लड़ाई जारी रही तो इसका सीधा असर चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है. सूत्रों की माने तो कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि यदि पार्टी को जनता के मुद्दों पर मजबूत विपक्ष बनकर उभरना है तो व्यक्तिगत राजनीति और गुटबाजी से ऊपर उठना होगा. संगठन तभी मजबूत होगा जब सभी नेता और कार्यकर्ता एक मंच पर आकर जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाएं.
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