खैरागढ़। नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक गुरुवार को जोरदार हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी राजनीतिक बहस के बीच संपन्न हुई। बैठक में “नारी वंदन” प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया और अंततः कांग्रेस पार्षदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।बैठक के दौरान विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने नगर पालिका में कथित कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए अध्यक्ष को घेरा और जवाब मांगा। उन्होंने नारी वंदन अधिनियम पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद अब तक उसे लागू नहीं किया गया है, जिससे महिलाओं को भ्रमित किया जा रहा है।बैठक शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्षद विरोध के तेवर में नजर आए। वे “कमीशनखोरी बंद करो” और “भ्रष्टाचार बंद करो” लिखी तख्तियों के साथ सदन में पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही। कांग्रेस पार्षद दिलीप लहरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना शौचालय निर्माण के ही करीब 8.60 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई, वहीं बिना सीसी रोड निर्माण के लगभग 19 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने भी नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के चार तालाबों के सौंदर्यीकरण को लेकर कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती है, जबकि विपक्ष की अनदेखी की जाती है। वहीं वरिष्ठ पार्षद पुरुषोत्तम वर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्व में कई वार्डों में बिना विधिवत अनुमति स्थल परिवर्तन कर कार्य कराए गए और भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में कुछ ठेकेदारों को राजनीतिक आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। नारी वंदन को लेकर लाए गए निंदा प्रस्ताव पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पर महिलाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इसे निराधार बताया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने सदन का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। उनका कहना था कि जब तक भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे बैठकों में शामिल नहीं होंगे। उधर, भाजपा पार्षदों ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए नगर पालिका के कार्यों को पारदर्शी बताया और विपक्ष के विरोध को राजनीतिक स्टंट करार दिया। बैठक का समापन हंगामेदार माहौल में हुआ। नगर पालिका में उठे इन गंभीर आरोपों से शहर की राजनीति गरमा गई है और अब आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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