खैरागढ़। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान में अपेक्षित सहयोग नहीं देने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. आशुतोष चौरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिस के अनुसार जिले में पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण पहचान एवं दस्तावेजीकरण के लिए गठित समिति में डॉ. चौरे को सदस्य नामित किया गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा अभियान में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई गई और कार्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। प्रशासन ने इसे सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के तहत कर्तव्य के प्रति उदासीनता माना है। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारी को तीन कार्य दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण उच्च कार्यालय को भेजा जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। यह कार्रवाई प्रभारी अधिकारी (पुरातत्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा की गई है। मामले की जानकारी राज्य एवं संभागीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेज दी गई है।
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