खैरागढ़। खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम मुहडबरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में सहायिका पद पर नियुक्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जुलाई 2024 में इस केंद्र में आंगनबाड़ी सहायिका के लिए भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई थी, जिसमें स्थानीय महिला नेहा ठाकुर, पिता बिसौहा ठाकुर का चयन हुआ था। लेकिन अब इस चयन पर सवाल उठते नजर आ रहे हैं।
मामला तब सुर्खियों में आया जब ग्राम मुहडबरी के ही निवासी तिलक कोसरे ने 04 फरवरी 2025 को जिला कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहा ठाकुर ने केवल 7वीं तक ही शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन 8वीं कक्षा की फर्जी अंकसूची तैयार कर उसका उपयोग चयन प्रक्रिया में किया। शिकायत में कहा गया है कि मूल 7वीं की अंकसूची में कांट-छांट कर उसमें सत्र परिवर्तन कर 8वीं की अंकसूची बना दी गई, जिससे नेहा ने नियमों को दरकिनार करते हुए अवैध रूप से नौकरी प्राप्त की।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय ने 5 फरवरी 2025 को एक आदेश जारी कर परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। जांच प्रक्रिया के तहत कार्यालय ने 04 अप्रैल 2025 को नेहा ठाकुर को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर 8वीं उत्तीर्ण से संबंधित मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा। इसके जवाब में नेहा ठाकुर द्वारा संबंधित दस्तावेज कार्यालय में जमा किए गए हैं।
अब यह दस्तावेज जांच हेतु ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को अग्रेषित कर दिए गए हैं। बीईओ स्तर पर दस्तावेजों की सत्यता की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नेहा ठाकुर द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र असली हैं या फर्जी।
स्थानीयों में रोष, पारदर्शिता की उठी मांग
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभ्यर्थियों में रोष है। उनका कहना है कि यदि ऐसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति की जाएगी तो मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और यदि नेहा ठाकुर दोषी पाई जाती हैं तो उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

