खैरागढ़ : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच (छ.ग.) एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ ने टी.एच.आर. (Take Home Ration) वितरण में आ रही व्यवहारिक समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन से समाधान की मांग की है। इस संबंध में संघ की प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती रूकमणी सज्जन, प्रांतीय संरक्षक श्रीमती जयत्री राजपूत, प्रांतीय सलाहकार लता तिवारी, एवं प्रांतीय महामंत्री चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा गया।
संघ ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन में कहा कि टी.एच.आर. वितरण के नए वर्जन में कई व्यवहारिक कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है।

संघ द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
1. एक ही व्यक्ति को राशन लेने की अनिवार्यता: वर्तमान प्रणाली के अनुसार, केवल परिवार का एक ही सदस्य टी.एच.आर. प्राप्त कर सकता है, जिससे कई हितग्राही वंचित रह जाते हैं।
2. ओटीपी प्रणाली की जटिलता: कई हितग्रही ओटीपी साझा करने से मना करते हैं, जिससे वितरण प्रभावित हो रहा है।
3. मोबाइल सुविधा का अभाव: अनेक हितग्रही एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास मोबाइल नहीं होते, जिससे वे प्रक्रिया में पिछड़ जाते हैं।
4. नेटवर्क और सर्वर की समस्या: कई स्थानों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने से टी.एच.आर. वितरण बाधित हो रहा है।
5. प्रदत्त मोबाइल की क्षमता अपर्याप्त: कार्यकर्ताओं को दिए गए मोबाइल पर्याप्त स्पेस नहीं रखते, जिससे नए संस्करण के अनुसार कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा है।
6. आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों की चुनौतियाँ: कई आदिवासी क्षेत्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास मोबाइल ही उपलब्ध नहीं है, जिससे वे सरकार की डिजिटल योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।
7. पोषण ट्रैकर एप की समस्याएँ: पोषण ट्रैकर एप के तहत फोटो कैप्चरिंग प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे पोषण आहार वितरण में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं।
8. मोबाइल रिचार्ज के लिए आर्थिक सहायता: प्रत्येक कार्यकर्ता को कम से कम ₹500 प्रतिमाह मोबाइल रिचार्ज हेतु स्वीकृत किया जाए।
9. मानदेय कटौती पर रोक: ऑनलाइन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कारण कार्यकर्ताओं का मानदेय कट रहा है, जो कि न्यायसंगत नहीं है।
संघ का कहना है कि टी.एच.आर. वितरण कार्य किसी अन्य एजेंसी या संस्था के माध्यम से, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से कराया जाए। इससे वितरण की प्रक्रिया अधिक सुचारू होगी और कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा। संघ ने शासन-प्रशासन से आग्रह किया है कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि कार्यकर्ता बिना किसी भय या मानदेय कटौती के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिले के कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर सुपरवाइजर को भी भेजी गई है, ताकि वे उच्च अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराएं। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

