
खैरागढ़ - मासूम हंसी अब सदा के लिए खामोश हो चुकी है। एक नाबालिग बालिका जो कुछ दिन पहले तक अपने रिश्तेदारों के बीच खुशियों के माहौल में शामिल थी वह अब एक दर्दनाक साजिश का शिकार बन चुकी है। प्रेम, विश्वास और भरोसे के नाम पर रची गई इस खौफनाक कहानी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहां एक नाबालिग बालिका को प्रेम जाल में फंसाकर अपहरण किया गया और फिर सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या कर दी गई। खैरागढ़ पुलिस ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। घटना 28 मार्च 2026 की है जब ग्राम चिचोला निवासी 14 वर्षीय बालिका अपने मामा की शादी में ग्राम पिपरिया आई हुई थी। शादी के रिसेप्शन के दौरान रात करीब 11:30 बजे वह अचानक बिना बताए लापता हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अगले दिन पिता की शिकायत पर थाना खैरागढ़ में अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहन वर्मा (27 वर्ष) का बालिका के साथ पिछले एक साल से प्रेम संबंध था। इसी दौरान उसने नाबालिग का दैहिक शोषण भी किया था। जब बालिका उस पर साथ रखने का दबाव बनाने लगी और मना करने पर आत्महत्या की धमकी देने लगी तब आरोपी ने अपने साथी हरीश वर्मा (31 वर्ष) और एक नाबालिग के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। आरोपियों ने योजना के तहत बालिका को मिलने के बहाने बुलाया और मोटरसाइकिल से डोंगरगढ़ ले गए। रास्ते में सबूत मिटाने के लिए उसके कपड़े बदलवाए और मोबाइल तोड़ दिया। इसके बाद वे ट्रेन से बिलासपुर के लिए निकले। यात्रा के दौरान विवाद बढ़ने पर जयरामनगर स्टेशन के पास आरोपियों ने बालिका को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। डोंगरगढ़ अकलतरा और खैरागढ़ के सीसीटीवी कैमरों में आरोपी बालिका के साथ नजर आए। पूछताछ में पहले गुमराह करने वाले मुख्य आरोपी ने अंततः जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल जब्त की गई है। वहीं नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस पूरे मामले में थाना खैरागढ़, साइबर सेल और मस्तूरी (बिलासपुर) पुलिस की संयुक्त टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई जिसके चलते इतनी जल्दी इस जघन्य अपराध का खुलासा हो सका।

