छुईखदान। कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा के निर्देशों और एसडीएम के मार्गदर्शन में गठित बाल विवाह रोकथाम टास्क फोर्स ने एक बार फिर समय पर कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह रुकवाकर उसका भविष्य अंधकारमय होने से बचा लिया। यह मामला विकासखंड छुईखदान अंतर्गत गंडई नगर के वार्ड क्रमांक 03 का है, जहां एक 16 वर्षीय किशोरी का विवाह 15 अप्रैल को तय किया गया था। विवाह की तमाम तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी थीं, यहां तक कि निमंत्रण पत्र भी छपवा कर वितरित किए जा चुके थे।
मामले की सूचना गंडई थाने में प्राप्त होते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम के निर्देशानुसार परियोजना अधिकारी सुनील बंजारे के नेतृत्व में त्वरित जांच की गई। जांच के लिए क्षेत्र की सेक्टर पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भेजा गया, जिनकी रिपोर्ट के अनुसार बालिका की उम्र विद्यालयीय मार्कशीट के आधार पर मात्र 16 वर्ष पाई गई।
इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने परिजनों से चर्चा कर उन्हें समझाया कि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका का विवाह करना कानूनन दंडनीय अपराध है। प्रोहिबिशन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट 2006 के तहत ऐसे विवाह के आयोजन पर एक लाख रुपये का जुर्माना और दो वर्ष की सजा का प्रावधान है।
इस दौरान बालिका के होने वाले पति को भी कानून की जानकारी दी गई। परियोजना अधिकारी बंजारे ने स्पष्ट किया कि यदि एक वयस्क युवक और नाबालिग किशोरी के बीच विवाह होता है, तो पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह यौन शोषण की श्रेणी में आता है।
“बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि यह बच्चों के समुचित विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकारों का हनन है,” परियोजना अधिकारी बंजारे ने कहा। उन्होंने बताया कि समाज में बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक को सजग रहना चाहिए और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या थाने में दी जानी चाहिए।
इस प्रभावी कार्रवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग से परियोजना अधिकारी छुईखदान सुनील बंजारे, पर्यवेक्षक श्रीमती माधुरी जगत, श्रीमती लक्ष्मी सर्वा, श्रीमती प्रेमलता जगत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सीमा शर्मा तथा पुलिस विभाग से उप निरीक्षक श्रीमती प्रियंका पैंकरा, प्रधान आरक्षक भागवत जांघेल, महिला आरक्षक श्रीमती शिखा निर्मलकर एवं कोटवार उपस्थित रहे।

