खैरागढ़। इतवारी बाजार निवासी मनीष सोनी ने कलेक्टर को विस्तृत आवेदन प्रस्तुत कर अधिकारियों पर गंभीर अनियमितताओं और न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण याचिका दाखिल करते हुए खसरा नंबर 2366 एवं 182/6 से संबंधित प्रकरण में कार्रवाई की मांग की है. सोनी का कहना है कि 22 दिसंबर 2015 को अपर जिला न्यायाधीश, सत्र न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बावजूद राजस्व अभिलेखों में आवश्यक दुरुस्ती नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालयीन आदेश की अनदेखी करते हुए एकपक्षीय कार्रवाई कर नामांतरण सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर दी गईं, जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक क्षति पहुंची है. आवेदन में संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत, अवैध वसूली और फर्जी प्रविष्टियां करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। मनीष सोनी ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज और आरोप असत्य सिद्ध होते हैं तो वे स्वयं जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय का निर्णय सर्वमान्य होता है और उसका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। कोई भी जांच अधिकारी न्यायालय के आदेश को बदल नहीं सकता और न ही उसके पालन से इनकार कर सकता है। सोनी ने कलेक्टर से मांग की है कि वर्ष 2015 के न्यायालयीन आदेशों के पालन की सत्यापित जानकारी सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि समयबद्ध निराकरण नहीं होने की स्थिति में वे उच्च न्यायालय सहित अन्य वैधानिक मंचों का सहारा लेंगे।
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