मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
राजनांदगांव | सोन कुमार सिन्हा - राजनांदगांव कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी संघ ने आगामी राज्य बजट में कैशलेस चिकित्सा योजना को शामिल किए जाने की मांग को लेकर अभियान तेज कर दिया है। संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकर के नेतृत्व में कर्मचारियों ने राज्य सरकार से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा लागू करने की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकर ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत लगातार बढ़ रही है। गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्थिति में कर्मचारियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कई बार उन्हें इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता है या निजी संसाधनों पर निर्भर होना पड़ता है. ऐसी परिस्थितियों में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना आर्थिक चिंता के बेहतर इलाज करा सकेंगे. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मांग लंबे समय से की जा रही है और बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए इसे अब प्राथमिकता के साथ सरकार के समक्ष रखा गया है. इसी क्रम में मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी विभागों के सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. सूत्रों के अनुसार बैठक में योजना की व्यवहार्यता, वित्तीय प्रावधान एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। संघ का मानना है कि यदि इस योजना को बजट में शामिल किया जाता है तो लाखों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक निष्ठा व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे. कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी संघ ने सरकार से इस विषय पर संवेदनशील और सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संघ के अनुसार मंत्रालय स्तर पर चल रही चर्चा के बाद इस मांग के बजट में शामिल होने की प्रबल संभावना है. अब प्रदेश के सभी कर्मचारियों की नजर आगामी बजट घोषणा पर टिकी हुई है.

