रिपोर्टर – सोन कुमार सिन्हा
डोंगरगढ़। नगर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मुर्गी मल (चिकन वेस्ट) से भरी गाड़ियों का लगातार आवागमन आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। रोजाना सैकड़ों ट्रक और भारी वाहन शहर के मुख्य मार्गों से गुजर रहे हैं, जिनसे उठने वाली असहनीय दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात यह हैं कि पूरा शहर मानो “दुर्गंध ज़ोन” में तब्दील हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक मुर्गी मल से लदे वाहन सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। इन गाड़ियों से फैल रही तेज बदबू के कारण राहगीरों, दुकानदारों, स्कूली बच्चों और आसपास रहने वाले परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि बदबू इतनी तीव्र होती है कि घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के बावजूद राहत नहीं मिलती. नागरिकों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और नगर पालिका इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण सिरदर्द, घुटन, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि बदबू के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं विद्यार्थियों और महिलाओं को भी सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मुर्गी मल से भरी गाड़ियों के शहर के भीतर प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए। लोगों ने सुझाव दिया है कि इन वाहनों के लिए बायपास या वैकल्पिक मार्ग तय किया जाए, अथवा रात 9 या 10 बजे के बाद ही इनके आवागमन की अनुमति दी जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इधर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। लोगों का कहना है कि जनस्वास्थ्य और स्वच्छता को देखते हुए प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने ही होंगे।

