डोंगरगढ़ - सोन कुमार सिन्हा ! प्रसिद्ध आस्था धाम मां बम्लेश्वरी मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त घोषित करने की मांग को लेकर आज पर्यावरण संरक्षण गतिविधि इकाई, डोंगरगढ़ के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगढ़ मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष से मुलाकात कर मंदिर व मेला परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक के पूर्ण प्रतिबंध की मांग रखी. ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मां बम्लेश्वरी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तगण पहुंचते हैं। पर्व-त्योहार एवं मेलों के दौरान प्लास्टिक की थैलियां , गिलास, बोतलें, प्लेटें व अन्य एकल उपयोग सामग्री बड़े पैमाने पर उपयोग के बाद इधर-उधर फेंक दी जाती हैं जिससे पर्यावरण प्रदूषण, स्वच्छता व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव तथा पशु-पक्षियों के लिए खतरा उत्पन्न होता है। पर्यावरण गतिविधि के विभाग संयोजक मनोहर चंदेल ने कहा कि धार्मिक स्थलों को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में सख्ती से प्रतिबंध लागू करते हुए वैकल्पिक रूप से कपड़े, कागज या जैव-अवक्रमित सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर दुकानदारों व श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाए। इस अवसर पर डोंगरगढ़ शिशु मंदिर के प्राचार्य प्रकाश यादव, जागेश्वर निषाद, विश्वनाथ यादव, अजय ठाकुर, रितेश सक्सेना, मुकेश कांडे, सतीश यादव, निर्भय लिल्हारे, संतोष देवंगन एवं मनोज गुप्ता सहित पर्यावरण संरक्षण गतिविधि इकाई के सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि आगामी मेलों से पूर्व आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मां बम्लेश्वरी धाम की पवित्रता एवं प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण रह सके।
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