डोंगरगढ़।सोन कुमार सिन्हा - जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजनांदगांव ने बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के एलोपैथी इलाज करने के मामले में श्री राम कृपा हॉस्पिटल एवं पैथोलॉजी के संचालक महेश कुमार तिवारी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग रायपुर एवं थाना डोंगरगढ़ में की गई शिकायतों के आधार पर की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता श्रीमती कीर्ति डकहा ने आरोप लगाया था कि महेश तिवारी द्वारा बिना एमबीबीएस डिग्री के उनका इलाज किया गया। बिना उचित जांच (बायोप्सी) के लगभग 6 माह तक दवाइयां दी गईं, जिससे उनके शरीर में गांठ बढ़ गई। साथ ही लापरवाहीपूर्वक ऑपरेशन करने और गलत उपचार से कैंसर संक्रमण बढ़ने का भी आरोप लगाया गया था। मामले की जांच जिला स्तरीय समिति द्वारा की गई, जिसमें पाया गया कि अस्पताल संचालक द्वारा बिना किसी मान्यता के प्रारंभिक उपचार एवं सोनोग्राफी कराई गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित व्यक्ति छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं है, जबकि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट संचालन हेतु यह अनिवार्य है। सीएमएचओ कार्यालय ने छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट 2010 एवं नियम 2013 के तहत कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित राशि संबंधित खाते में जमा की जाए, अन्यथा अधिनियम के तहत आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर शिकायतकर्ता कीर्ति डकहा ने मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल को बंद करने की मांग की है। वहीं जांच अधिकारियों ने भी महेश तिवारी को डॉक्टर मानने से इंकार किया है।
Loading...

