खैरागढ़- छत्तीसगढ़ । भारत में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में देरी को लेकर देश की बात फाउंडेशन ने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन तहसीलदार आशीष कुमार को सौंपा गया. फाउंडेशन के राज्य संयोजक विप्लव साहू, नीलेश यादव, भुनेश्वर वर्मा, उत्तम बागड़े, सोनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर देश की मानव संसाधन क्षमता और आर्थिक विकास पर भी पड़ सकता है। ज्ञापन में केंद्र सरकार से राष्ट्रीय रोजगार नीति (National Employment Policy) लागू करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे रोजगार सृजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकते हैं। साथ ही संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए समयबद्ध वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू करने की भी मांग की गई। राष्ट्रीय रोजगार नीति (National Employment Policy) लागू की जाए। सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए समयबद्ध भर्ती कैलेंडर अनिवार्य किया जाए। पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई हो। केंद्र और राज्य सरकारों के सभी रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए। संविदा भर्ती और अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाई जाए। परीक्षा शुल्क में राहत तथा अभ्यर्थियों को निःशुल्क या रियायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाली अनियमितताएं केवल अभ्यर्थियों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और देश के भविष्य को भी प्रभावित करती हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से इन मुद्दों पर शीघ्र और ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया है। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय से अपील की गई कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध भर्ती प्रणाली लागू की जाए, ताकि देश के करोड़ों छात्रों और अभ्यर्थियों का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
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