खैरागढ़। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और गरिमामयी उपस्थिति में अप्रैल माह के द्वितीय थाना दिवस का आयोजन जिले के सभी थानों और चौकियों में किया गया। इस पहल ने पुलिस और आमजन के बीच संवाद का मजबूत मंच तैयार किया, जहां लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव रखे।छुईखदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्वयं पुलिस अधीक्षक ने पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। दूरस्थ और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी ने लोगों के बीच भरोसा बढ़ाया, जिसका असर साफ तौर पर उनके चेहरों पर नजर आया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, ग्राम प्रमुख, कोटवार तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोगों ने शराब बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी, गांजा व नशीली दवाइयों के सेवन, यातायात नियमों की अनदेखी, साइबर ठगी, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, स्कूल-कॉलेज के बाहर धूम्रपान और आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों को इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, नए आपराधिक कानूनों की जानकारी, महिला एवं बाल सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूक किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।जिले के अन्य थानों में भी वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर समस्याओं का निराकरण किया और लोगों को जागरूक किया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना दिवस का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संबंधों को मजबूत करना, समस्याओं का त्वरित समाधान और जागरूकता फैलाना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय गुरुवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
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