खैरागढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंडई में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिए बुलाई गई जीवनदीप समिति की साधारण सभा अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। बैठक में जिम्मेदार विभागों के अधिकारी लगातार तीसरी बार नदारद रहे, जिससे नाराज क्षेत्रीय विधायक एवं जीवनदीप समिति की अध्यक्ष यशोदा वर्मा ने बैठक को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं विधायक यशोदा वर्मा ने अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि जब जनता के मुद्दों पर जवाब देने वाले अधिकारी ही बैठक से गायब रहेंगे, तो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आखिर कैसे होगा? उन्होंने इसे सरकारी तंत्र की गंभीर उदासीनता बताते हुए कड़ा संदेश दिया। यह लगातार तीसरी बैठक रही, जिसमें अधिकांश विभागों के अधिकारी या उनके प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे। स्थिति यह रही कि नगर पंचायत गंडई के इंजीनियर को छोड़कर बाकी विभागों की कुर्सियां खाली रहीं। ऐसे में केवल पुराने प्रस्तावों की औपचारिक समीक्षा ही हो सकी और कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका। बैठक से पहले रखी गई वित्तीय जानकारी में सामने आया कि 31 मार्च 2026 तक अस्पताल की कुल आय ₹2,92,91,52.99 तथा कुल व्यय ₹2,01,11,30.00 रहा, जिसके बाद ₹91,80,222.99 की राशि शेष है। वहीं 22 संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के मानदेय पर प्रतिमाह ₹1,21,000 खर्च किए जा रहे हैं. विकास कार्यों की स्थिति भी चिंताजनक रही। लेबर रूम में डीएमएफ मद से एसी लगाने का प्रस्ताव, ओपीडी और एक्स-रे रूम में वॉल पुट्टी, पीओपी तथा अंडरग्राउंड विद्युत वायरिंग जैसे कार्य अब तक अधूरे हैं। वहीं हृदय रोगियों के लिए जरूरी मशीन की मांग भी शासन स्तर पर लंबित है। बैठक में नीलाम्बर वर्मा, लाल टारकेश्वर शाह खुशरो, शत्रुघ्न मन्नू चंदेल, मंगल जैन, संजय अग्रवाल, चेतन देवांगन, रमेश साहू, दामोदर जायसवाल, हेमलता ठाकुर, सोनल क्रांति ताम्रकार, अमित टंडन, सम्पूर्ण टंडन, बीएमओ मनीष बघेल, बीपीएम बृजेश ताम्रकार, विनय रामटेके, प्रभारी अधिकारी प्रशांत सोनी, रज्जब खान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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