राजनांदगांव | सोन कुमार सिन्हा - जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस ने 'समाधान ऐप' के माध्यम से सप्ताहभर का विशेष किराएदार सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जिले के सभी मकान मालिकों, दुकान संचालकों, व्यवसायियों और संस्थानों से अपने यहां रहने वाले किराएदारों एवं बाहरी व्यक्तियों का विवरण अनिवार्य रूप से समाधान ऐप पर दर्ज कराने की अपील की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना सत्यापन के रहने वाले किराएदार और बाहरी व्यक्ति कई मामलों में आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। समय पर सत्यापन होने से चोरी, लूट, धोखाधड़ी सहित अन्य अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
फेरीवालों और बाहरी कारोबारियों पर भी रहेगी नजर
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाहर से आकर फेरी लगाकर सामान बेचने वाले, अस्थायी रूप से किराए पर रहकर व्यवसाय करने वाले तथा अन्य बाहरी व्यक्तियों की जानकारी भी संबंधित थाने या समाधान ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। पुलिस का मानना है कि पहचान और सत्यापन के अभाव में कई बार ऐसे लोगों की आड़ में आपराधिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
मीडिया से भी सहयोग की अपील
राजनांदगांव पुलिस ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी पत्रकार या मीडिया प्रतिनिधि के संज्ञान में बिना सत्यापन के रह रहे किराएदार, संदिग्ध व्यक्ति या कोई संदिग्ध गतिविधि आती है, तो उसकी सूचना संबंधित राजपत्रित अधिकारी या निकटतम पुलिस थाने को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सुरक्षित और अपराधमुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। अपने किराएदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अवश्य कराएं, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि जनसहभागिता ही अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है।

