डोंगरगढ़ । सोन कुमार सिन्हा - नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में डोंगरगढ़ न्यायालय ने दोषी समीर सहारे 21 को कठोर सजा सुनाई है। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रतिभा वर्मा की अदालत ने आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।अभियोजन के अनुसार, आरोपी समीर सहारे, पिता श्यामलाल सहारे, निवासी वार्ड क्रमांक 2, इंदिरा वार्ड, बुढ़ादेव मार्ग, केदारबाड़ी रोड, डोंगरगढ़, पर नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म का आरोप था। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹2,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया। साथ ही POCSO अधिनियम की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 3 माह और 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक ज्योति सोनवानी ने प्रभावी पैरवी की जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई।
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