छुईखदान | कैलाश चतुर्वेदी - जनपद पंचायत छुईखदान के ग्राम खपरी दरबार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण में कथित अनियमितताओं, मनमानी और हितग्राहियों से अभद्र व्यवहार के विरोध में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन मांगने पर उन्हें उनका हक देने के बजाय धमकाया जाता है और विरोध करने पर विवाद मारपीट तक पहुंच जाता है। ग्रामीणों के अनुसार अन्य गांवों में दुकान खुलते ही चावल, शक्कर और नमक का वितरण कर दिया जाता है जबकि खपरी दरबार में पहले ऑनलाइन एंट्री कर दी जाती है और वास्तविक वितरण के लिए 10 से 15 दिनों तक इंतजार कराया जाता है। इतना ही नहीं दुकान भी अक्सर महीने के अंतिम दिनों में खोली जाती है।
अन्न मांगा तो मिला तमाचा
ग्रामीणों का कहना है कि राशन मांगने पहुंचे एक युवक के साथ महिला संचालिका ने कथित रूप से हाथापाई कर दी। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला हितग्राहियों को धमकाती हुई दिखाई देने का दावा किया जा रहा है और एक युवक पर हाथ उठाने का आरोप भी लगाया जा रहा है। भीड़ के सामने हुई इस कथित घटना ने ग्रामीणों में आक्रोश और नाराजगी को और बढ़ा दिया है।
पूरा राशन नहीं मिलने के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई हितग्राहियों को राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों के अनुसार पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। एक परिवार ने बताया कि चार सदस्य होने के बावजूद निर्धारित मात्रा में चावल नहीं मिला। वहीं एक बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि तीन माह का राशन मिलने के बजाय केवल एक माह का चावल दिया गया। कई परिवारों ने शक्कर और अन्य आवश्यक सामग्री कम मिलने की शिकायत भी की।
संरक्षण का सवाल भी उठा
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि गरीबों के हक का राशन मांगने पर उन्हें अपमानित किया जाता है और कथित तौर पर मारपीट की जाती है तो आखिर संबंधित संचालिका के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति या अधिकारी का संरक्षण मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है? उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

