खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ के प्लेसमेंट कर्मचारी एवं स्वच्छता कमांडो ने कलेक्टर केसीजी को शिकायत सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि उनसे निर्धारित 8 घंटे की ड्यूटी के बजाय रोजाना करीब 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है जो श्रम नियमों के खिलाफ है. इसको लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. शिकायत में बताया गया है कि सफाई कर्मचारी सुबह 6 बजे से शहर की सफाई कार्य में जुट जाते हैं लेकिन निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी उन्हें शाम 6 बजे तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है. कर्मचारियों का आरोप है कि निजी कारणों से छुट्टी लेने पर उनका वेतन काट लिया जाता है और स्टाम्प पर लिखित जवाब भी मांगा जाता है. कर्मचारियों ने यह भी कहा कि कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई करने वाले कर्मचारियों के साथ अब अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है. शिकायत में सफाई दरोगा और सफाई सुपरवाइजर पर कर्मचारियों को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. मामले में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत में कहा गया है कि एक प्लेसमेंट कर्मचारी के नाम पर वेतन भुगतान में भी गड़बड़ी हुई है. आरोप है कि कर्मचारी के काम पर नहीं आने के बावजूद भुगतान से जुड़ी राशि में अनियमितता हुई जिसकी जांच की मांग की गई है. पीड़ित कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और कर्मचारियों को नियम अनुसार काम व सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. इस संबंध में सफाई दरोगा टोडर सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं. उनका कहना है कि जब काम के लिए कहा गया तो कर्मचारी शिकायत करने चले गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जिम्मेदारी सफाई कार्य करवाना है जबकि कर्मचारियों का दायित्व अपने कार्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करना है.
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