खैरागढ़। जिले में प्रशासनिक चुस्ती और कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कलेक्टर चन्द्रकांत वर्मा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जिले के तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों के प्रभार में बदलाव किया है। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है, बल्कि इससे जनसुविधा और राजस्व कार्यों में गति भी आने की उम्मीद है।
जारी आदेश के अनुसार कुल चार तहसीलदारों और दो नायाब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। गंडई तहसील में पदस्थ तहसीलदार आशीष देवहारी को अब खैरागढ़ का नया तहसीलदार बनाया गया है। वहीं, खैरागढ़ की वर्तमान तहसीलदार श्रीमती मोक्षदा देवांगन को छुईखदान का प्रभार सौंपा गया है।
इसी कड़ी में छुईखदान की तहसीलदार श्रीमती नेहा ध्रुव को साल्हेवारा तहसील का दायित्व सौंपा गया है। साल्हेवारा में पदस्थ रहे तहसीलदार प्रीतम सिंह चौहान अब गंडई में अपनी सेवाएं देंगे।
न केवल तहसीलदारों के बीच प्रभार बदला गया है, बल्कि अतिरिक्त जिम्मेदारियों का भी वितरण किया गया है। तहसीलदार खैरागढ़ आशीष देवहारी, तहसीलदार छुईखदान श्रीमती मोक्षदा देवांगन और तहसीलदार साल्हेवारा श्रीमती नेहा ध्रुव को संबंधित तहसीलों के नायाब तहसीलदार का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
वहीं, नायाब तहसीलदार मोहन लाल झारिया को गंडई का नया नायाब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। इसके अलावा छुईखदान एवं गंडई तहसीलदार न्यायालय में पदस्थ इंद्रराम चंद्रवंशी को उपतहसील जालबांधा का नायाब तहसीलदार बनाया गया है।
इस फेरबदल को प्रशासनिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे राजस्व व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और ग्रामीण स्तर पर शासन की पहुंच को मजबूत करने की कोशिश की गई है। कलेक्टर वर्मा के इस निर्णय को विकास कार्यों में तेजी लाने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

