खैरागढ़। सुरम्य वादियों से घिरी पवित्र नगरी अमरकंटक में अखिल भारतीय तेली महासभा के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ओबीसी संगम का समापन सामाजिक एकजुटता और अधिकारों की बुलंद आवाज के साथ हुआ। अधिवेशन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में समाज प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सहित सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिवेशन के दौरान सामाजिक चिंतक एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू, ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम, प्रो. के. मुरारी दास, एडवोकेट विष्णु बघेल, गौतम दास साहू, राजेन्द्र परगनिहा और पार्वती साहू ने ओबीसी समाज की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण और उच्च प्रशासनिक सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन मुद्दों के समाधान के लिए समाज को संगठित होकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करना होगा। अधिवेशन में जातिगत जनगणना, आरक्षण की सुरक्षा, छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार, पारंपरिक एवं छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन, युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण तथा सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि ओबीसी समाज की एकता, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक जागरूकता को मजबूत किए बिना समावेशी विकास संभव नहीं है। समापन सत्र में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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