खैरागढ़: सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए ताम्रध्वज जंघेल आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। 25 मार्च की रात खैरागढ़-अतरिया स्टेट हाईवे पर साहेब पेट्रोल पंप के सामने तेज रफ्तार इनोवा कार सड़क किनारे खड़े भारी वाहन से टकरा गई थी। इस भीषण हादसे में ताम्रध्वज गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लगभग 24 घंटे तक वेंटिलेटर पर संघर्ष करने के बाद 26 मार्च की रात 1 बजे भिलाई के निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
ताम्रध्वज जंघेल अपने साथी भागचंद वर्मा के साथ भिलाई से गाड़ी की सर्विसिंग कराकर लौट रहे थे। धमधा की ओर से आते वक्त अतरिया के पास तेज रफ्तार में चल रही उनकी इनोवा (CG 08 AA 9995) सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और ताम्रध्वज बुरी तरह से उसमें फंस गए। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और कार का शीशा तोड़कर ताम्रध्वज को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल, खैरागढ़ पहुंचाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने भिलाई रेफर कर दिया। स्पर्श अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे और 26 मार्च की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
ताम्रध्वज जंघेल के असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। खैरागढ़ के व्यापारी समुदाय और उनके मित्रगण गहरे शोक में हैं। उनका जाना सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की वजह से हो रहे हादसों की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

