रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, विधानसभा का बजट सत्र 21 मार्च को समाप्त होते ही सरकार जिलों में व्यापक प्रशासनिक बदलाव कर सकती है। इस फेरबदल के तहत राज्य के कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदले जा सकते हैं। साथ ही, मंत्रालय में पदस्थ सचिव स्तर के अधिकारियों के विभागों में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना है।
सरकार की प्राथमिकता: जिलों में मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था
छत्तीसगढ़ सरकार इस बार जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों की पदस्थापना में बदलाव पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद राज्य में लंबे समय तक कोई बड़ा चुनाव नहीं होना है। ऐसे में सरकार अब प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
नगरीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश के दस नगर निगमों में जीत दर्ज की है। वहीं, पंचायत चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रभाव देखने को मिला। इन चुनावों से पहले सरकार जिलों के कलेक्टरों और एसपी के प्रदर्शन पर नजर रख रही थी। अब जब चुनाव समाप्त हो चुके हैं, तो सरकार इनके कार्यों का मूल्यांकन कर बड़े प्रशासनिक बदलाव करने की योजना बना रही है।
फेरबदल की संभावनाएं: किस स्तर पर होंगे बदलाव?
सूत्रों के अनुसार, आगामी फेरबदल में कई जिलों के कलेक्टर और एसपी को बदला जाना तय माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। साथ ही, केंद्र सरकार की योजनाओं का भी सही ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को पुनः परिभाषित किया जाएगा।
इसके अलावा, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उन जिलों में एसपी बदले जा सकते हैं, जहां हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। मंत्रालय स्तर पर भी फेरबदल की संभावना है, जहां कुछ सचिव स्तर के अधिकारियों के विभाग बदले जा सकते हैं।
नए साल में अब तक तीन फेरबदल हो चुके हैं
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में अब तक तीन चरणों में प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। जनवरी से मार्च के बीच 7 आईएएस, 11 आईपीएस, राज्य प्रशासनिक सेवा के 60 अधिकारियों सहित कुछ आईएफएस अधिकारियों का तबादला किया गया था। हालांकि, बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सर्जरी अब तक नहीं हो सकी थी।
सूत्रों के मुताबिक, अब सरकार के पास जिलों की प्रशासनिक स्थिति को मजबूत करने का उचित अवसर है। यह फेरबदल सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से किया जाएगा। आगामी दिनों में सरकार इस दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है, जिससे छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुचारू और प्रभावशाली बनाया जा सके।

