छुईखदान गंगाराम पटेल : छुईखदान नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार दिन-ब-दिन परवान चढ़ता जा रहा है। स्थानीय जनता के आरोपों की मानें तो यह अवैध व्यापार पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण में फल-फूल रहा है। नगर के वार्डों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक शराब की सप्लाई इतनी आसान हो गई है कि कोई भी व्यक्ति दिन के किसी भी समय आसानी से शराब खरीद सकता है।
आखिर कौन दे रहा है शराब माफियाओं को संरक्षण?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन और पुलिस द्वारा महज औपचारिक कार्रवाई की जाती है। सूत्रों की मानें तो अवैध शराब के विक्रेता पुलिस और आबकारी विभाग को बाकायदा कमीशन देते हैं, जिसके चलते कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। यही कारण है कि शराब माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं।
‘मुझे कोई मतलब नहीं’ – अधिकारी का गैरजिम्मेदाराना बयान
आबकारी विभाग के सब-इंस्पेक्टर राजकुमार कुमर्रा का बयान चौंकाने वाला है। जब उनसे क्षेत्र में हो रही अवैध शराब बिक्री को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा – "मुझे इससे कोई मतलब नहीं, मैं केवल झगड़े संभालने आया हूं, शराब कार्यवाही मेरा काम नहीं है।"
वहीं थाना प्रभारी शिव शंकर गेंदले ने भी अवैध बिक्री को लेकर किसी ठोस कार्यवाही से साफ किनारा कर लिया।
नगर के इन क्षेत्रों में खुलेआम बिक रही शराब
वार्ड क्रमांक 15 टिकरीपारा, शासकीय शाला क्रमांक 2 के बाजू का पान ठेला, कड़ा पारा, केवट पारा समेत कई मोहल्लों में धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। साथ ही लधियाटोला, उदयपुर, पिरचा, बिरुटोला, बघमरा, खपरी दरबार, सिलपट्टी, पदमावतीपुर, कोड़का, कुकुरमुडा रोड, अतरिया, झुरानदी, भरमपुर, बुंदेली, गभरा, खैरी जैसे ग्रामीण इलाकों में घर-घर शराब पहुंचाई जा रही है।
युवाओं का भविष्य नशे में बर्बाद
अवैध शराब की पहुंच इतनी आसान हो गई है कि नाबालिग बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। नशे की लत के चलते अपराध, घरेलू हिंसा, मारपीट जैसे मामलों में इजाफा हो रहा है, जिससे समाज पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत पर उठते सवाल
अब सवाल यह है कि क्या अवैध शराब माफियाओं और विभागीय अधिकारियों के बीच कोई ‘डील’ चल रही है? प्रशासन की लापरवाही और पुलिस की निष्क्रियता इस अवैध व्यापार को बढ़ावा दे रही है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं – क्या सुशासन केवल त्यौहार मनाने में व्यस्त है?
‘रेड नहीं, सेटिंग चल रही है’ – आम लोगों का आरोप
छुईखदान के आम नागरिकों का कहना है कि विभागों के बीच सेटिंग के चलते न तो कोई रेड हो रही है और न ही गिरफ्तारी। लोगों ने सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

