दुर्ग। रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला दुर्ग से सामने आया है। 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और फिर उसकी हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि मासूम के साथ यह घिनौना कृत्य उसके सगे चाचा सोमेश यादव (24) ने ही किया। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर मीडिया के सामने पूरे मामले का खुलासा किया।
कन्या भोज के दिन हुआ अमानवीय कृत्य
घटना रविवार की है, जब शहर में नवरात्रि के तहत कन्या भोज का आयोजन चल रहा था। मासूम को उसी बहाने आरोपी चाचा घर से बाहर लेकर गया था। मासूम का शव उसी दिन शाम को एक बंद कार की डिक्की में मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मासूम की मां थाने के बाहर इंसाफ की गुहार लगाती रही।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि मामले में शुरुआत में तीन संदेहियों को हिरासत में लिया गया था। जांच में फिजिकल एविडेंस के आधार पर मासूम का चाचा ही मुख्य आरोपी निकला। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई थी।
घर के पास खड़ी कार में छिपाया शव
हत्या के बाद आरोपी ने चालाकी से बच्ची का शव घर के पास ही खड़ी एक कार में छिपा दिया। शाम को जब कार मालिक ने दरवाजा खोला, तब बच्ची की लाश मिली। आरोपी चाचा मौके पर पहुंचा और ड्राइवर पर शक जताकर उसे पीटने लगा, ताकि शक की दिशा बदल सके। लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद आखिरकार आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
परिवार से नहीं था कोई विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी का अपने भाई या परिवार से कोई आपसी विवाद नहीं था। परिवार आपस में अच्छे संबंधों के साथ रह रहा था। पुलिस यह जांच भी कर रही है कि आखिर आरोपी ने इतनी हैवानियत क्यों की।
तेज़ ट्रायल और सख्त सज़ा की तैयारी
दुर्ग पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, बलात्कार, हत्या, साक्ष्य छुपाने और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा और आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मासूम के साथ दरिंदगी ने झकझोरा समाज को
जिस बच्ची को घरवाले देवी स्वरूप मानकर पूजा करते हैं, उसी के साथ कन्या भोज के दिन इस तरह की दरिंदगी ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। मासूम की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अब घर भी बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं रहे?

