क्रांतिकारी संदेश खैरागढ़ : जिला कलेक्टर खैरागढ़ छुईखदान गंडई के समक्ष शिकायत कर्ता राजा सोलंकी द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत कर शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्तिकारी योजना के तहत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी / हिन्दी माध्यम विद्यालय 1. खैरागढ़ में आरंभ की गई, और इस विद्यालय में कमलेश्व सिह राजपूत मूळ पद व्याख्याता एल बी को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौपा गया.
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय में प्रवेश शुल्क निशुल्क है, किन्तु प्रभारी प्राचार्य कमलेश्वर सिंह राजपूत द्वारा विद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रो से नियम के विपरीत नगद राशि प्रवेश शुल्क के रूप में लिया गया। इसके अलावा प्रभारी प्राचार्य द्वारा विद्यालय की कन्या उच्चर माध्यमिक शाला में छात्रो को निशुल्क प्रदान की जाने वाली पाठ्यपुस्तके जो अवितरित थी उसे भली भांति संधारित न करते हुए पुस्तको को कबाड़ में बेच दिया का राजा सोलंकी द्वारा आरोप लगाया गया था। कलेक्टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विशेष कर्तव्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़ को शिकायत की जांच कराने निर्देशित किया गया.
जिस पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला छुईखदान के प्राचार्य को जांच अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया। जांच अधिकारी द्वारा शिकायत की सूक्ष्मता से जांच कर आरोप को प्रमाणित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कलेक्टर की अनुशंसा पर प्रभारी प्राचार्य कमलेश्वर सिह राजपूत को स्वामी आत्मानंद विद्यालय कन्या उच्चर माध्यमिक शाळा से हटाकर शा.उ.मा.शाळा कांचरी वि.ख. खैरागढ़ में संलग्न किया गया.
जिस पर अनेक सवाल उठाये जाने के पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़ के प्रारंभिक जाँच प्रतिवेदन / 2583 शिकायत / जाँच / प्रतिवेदन / 2023/ 28.08.2023 इसे लोक शिक्षा संचनालाय प्रेसित करने पर लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ खंड 03 प्रथम तल इन्द्रावती भवन नया रायपुर अटल नगर द्वारा कमलेश्वर सिंह राजपूत को व्याख्याता एल बी को छ.ग सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील 1966 नियम 9 (1 ) के तहत तत्काळ प्रभाव से निलंबित किया गया. निलंबन अवधि मे निलंबित कर्मचारि का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़ के कार्यलय मे मुख्यालय नियत किया गया है.
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी : केवी राव से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का कोशिश किया गया संपर्क नहीं हो पाया !
शिकायकर्ता राजा सोलंकी ने बताया की हमारे पास आत्मानंद स्कूल मे फिस लेने और सरकारी किताब को बेचने की शिकायत मिली थी इसके बाद हमने शिकायत किया था जिस पर जाँच मे आरोप साबित हुआ और शासन के महत्पूर्ण योजना की धज्जिया उड़ाने के कारण संबंधित विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और निलंबित किया.

