खैरागढ़। संगीत नगरी के पांच पढ़े लिखे युवकों ने दोस्ती की बेहतरीन मिसाल पेश करते हुए बाल्यावस्था के दोस्त की आकस्मिक मौत के दो महीने बाद अपने खर्च पर प्रयागराज जाकर अस्थि विसर्जन किया। जानकारी अनुसार तुरकारी पारा निवासी दिनेश गुप्ता उर्फ पिंटू पिता स्व विजय गुप्ता की सिंगारपुर निवासी डॉ सुनील शर्मा पिता स्व त्रिभुवन प्रसाद शर्मा, नरेंद्र श्रीवास पिता स्व नरोत्तम श्रीवास, सत्येन्द्र कौशिक, दीपक नेवार और रवीन्द्र चावड़ा के बीच बचपन से गहरी दोस्ती थी।साथ ख़ाना पीना हँसना बोलना सालों से चला आ रहा था लेकिन काल के क्रूर हाथों ने दो महीने पहले दिनेश को उनसे छीन लिया। हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया जिससे पांचों दोस्त सकते मे आ गये लेकिन दोस्त का साथ अंतिम वक्त तक देने का वादा निभाने दाह संस्कार के दौरान दिनेश की जलती चिता से उसकी अस्थि उठा लिये, दो महीने तक गौशाला मे रखकर सुबह शाम पूजा अर्चना की और जब प्रयागराज आने जाने लायक आर्थिक स्थिति बनी तो रविवार 13 की सुबह पांचों दोस्त निकल किराए का वाहन लेकर प्रयागराज के लिये निकल पड़े।पता चला है कि सोमवार सुबह सभी मुंडन, स्नानादि से निवृत होकर संगम मे अस्थि विसर्जन कर दोस्त को अंतिम विदाई देंगे और अंतिम समय तक साथ देने का वादा पूरा करेंगे। पांचों दोस्तों के इस पहल की सर्वत्र सराहना हो रही है वहीं मृतक कर्म कांड से जुड़े लोगो ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि प्रेम प्रदर्शन और मित्र धर्म का पालन करने सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं का यह खुला विरोध है इससे आने वाले समय मे दाह संस्कार बाद अस्थि संकलन दौरान परिजनों के अलावा मृतक से जुड़ा हर व्यक्ति अस्थि की चोरी करेगा।
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