बालोद - भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘संकल्प’ बजट 2026-27 को लेकर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आप के प्रदेश संयुक्त सचिव दीपक आरदे ने कहा कि इस बजट में किसान, युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी वर्ग की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि अनियमित कर्मचारियों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। महिला सुरक्षा, रसोइया संघ की मांगों और प्रदेश के युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। पिछले वर्ष पेट्रोल पर वैट में एक रुपये की कटौती की गई थी, लेकिन इस वर्ष आम लोगों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई। आरदे ने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले बजट में पंचायत राज के तहत 8,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, इसके बावजूद लाखों पात्र लोगों को अब तक आवास नहीं मिल पाया है। जिला मीडिया प्रभारी पंकज जैन ने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को विकास के नाम पर केवल आश्वासन मिला है। बालोद जिले के लिए भी बजट में कोई उल्लेखनीय घोषणा नहीं की गई। जिले में मेडिकल कॉलेज या डीएड-बीएड कॉलेज खोलने संबंधी कोई घोषणा नहीं होना निराशाजनक है। स्वास्थ्य क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए जैन ने कहा कि पांच नए मेडिकल कॉलेज खोलने और आयुष्मान योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान पर्याप्त नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जबकि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही कमजोर स्थिति में है। मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों में मशीनें खराब हैं और कई पद रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सशक्तिकरण के लिए 1,097 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, लेकिन रोजगार के अवसर सृजित करने की स्पष्ट नीति नजर नहीं आती। महिला सुरक्षा, रानी दुर्गावती योजना और 500 रुपये में रसोई गैस देने के वादे पर भी बजट में स्पष्टता नहीं है। बीएड-डीएड अभ्यर्थियों की मांगों पर भी सरकार ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि कुल मिलाकर यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है और प्रदेश के किसानों, महिलाओं व युवाओं को निराश किया है।
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