पद्मश्री फूलबासन यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उठाया जल बचाने का संकल्प
कारूटोला। वनों और पहाड़ियों की गोद में बसा, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण ग्राम कारूटोला शनिवार को एक विशेष आयोजन का साक्षी बना, जब जल संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से एक भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई। इस आयोजन का नेतृत्व किया पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी श्रीमती फूलबासन यादव ने, जिन्होंने नारी शक्ति को जल संरक्षण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यात्रा के दौरान गांव की पगडंडियों से गुजरते हुए जब जल कलश लिए महिलाएं और ग्रामीण आगे बढ़े, तो माहौल में एक नई ऊर्जा और संकल्प की भावना दिखाई दी। यह दृश्य गांववासियों के लिए गर्व और उल्लास से भरने वाला रहा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जिला पंचायत सदस्य अनिता मण्डवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज कांडे, समाजसेवी अनुराधा शर्मा, सोन कुमार सिन्हा, अमर साहू, ऋषि मिश्रा, ममता चंद्रवंशी, श्रीमती गोदावरी निषाद, सरपंच सुनील कुमार दूधनाग एवं उपसरपंच विनोद कुमार कंवर समेत समस्त पंचगण विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पद्मश्री फूलबासन यादव ने ग्रामीण महिलाओं से सोख्ता गड्ढा निर्माण जैसे सरल उपायों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील की। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण की आसान तकनीकें समझाईं और बोरी बंधान तथा अरदन चेक डैम निर्माण हेतु श्रमदान का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कई उद्योग समूह बोरी बंधान के लिए बोरियां उपलब्ध कराने को तैयार हैं, जिससे सामुदायिक प्रयास को बल मिलेगा।
भरत वर्मा ने ग्रामीणों से कम जल खपत वाली फसलों की ओर बढ़ने की सलाह दी और फसल चक्र परिवर्तन की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जल संरचनाएं बढ़ें और भूजल स्तर में सुधार हो।
श्रीमती किरण साहू ने जल संरक्षण को लेकर अपने व्यक्तिगत प्रयासों की प्रतिबद्धता जताई और मनरेगा योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं की जानकारी दी। वहीं, श्रीमती अनिता मंडवी ने कहा, "आज अगर पानी नहीं बचाया, तो कल पछताना पड़ेगा।"
कार्यक्रम में समाजसेवियों व जागरूक नागरिकों की भी भागीदारी सराहनीय रही। "एक छोटी सी पहल" संस्था की अध्यक्ष अनुराधा शर्मा, शिक्षुक प्रशिक्षुक ऋषि मिश्रा समेत अनेक लोगों ने गांव-गांव तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।
पूरे आयोजन का सफल संचालन देवेंद्र सिन्हा ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में ममता चंद्रवंशी और समस्त ग्रामवासियों की भूमिका उल्लेखनीय रही।

