डोंगरगढ़ सोन कुमार सिंह : देश की अग्रणी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित 'युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम' (युविका) 2025 में छत्तीसगढ़ से दस बच्चों का चयन हुआ है। इस गौरवशाली सूची में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय डोंगरगढ़ के छात्र सुजल वर्मा का नाम भी शामिल है। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में रुचि रखने वाले इस होनहार छात्र ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे अंचल को गौरवान्वित किया है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के प्रतिभावान छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की गहराइयों से परिचित कराना है। दो सप्ताह चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में इसरो के विभिन्न केंद्रों का भ्रमण, वैज्ञानिक व्याख्यान, प्रायोगिक कार्य, और विशेष प्रयोगशालाओं में अनुभव प्राप्त करना शामिल है।
विज्ञान और शोध में विशेष रुचि
विद्यालय के प्राचार्य श्री एस.आर. कुजुर ने जानकारी देते हुए बताया कि सुजल वर्मा कक्षा दसवीं का छात्र है और पूर्व में राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर के लिए भी चयनित हो चुका है। विज्ञान शिक्षक श्री वसीम खान, श्री अमिताव अधिकारी, सुश्री अल्पना भास्कर और नेहा सिकदर ने बताया कि सुजल में विज्ञान के प्रति गहरी समझ और शोध की प्रवृत्ति शुरू से रही है।
चयन का आधार और प्रक्रिया
प्राचार्य श्री कुजुर ने बताया कि छात्रों का चयन कक्षा 8वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन, राज्य/राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में सहभागिता, खेलकूद में उपलब्धियां और इसरो की ऑनलाइन क्विज में शानदार प्रदर्शन के आधार पर किया गया। यह प्रतियोगिता 24 फरवरी से 23 मार्च के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें पूरे देश के छात्रों ने भाग लिया। इस वर्ष कुल 350 छात्रों का चयन किया गया, जिनमें से छत्तीसगढ़ से 10 छात्र शामिल हैं।
इसरो की अनोखी पहल
इसरो द्वारा संचालित यह ‘युविका’ कार्यक्रम हर वर्ष ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य देश के कोने-कोने से प्रतिभाशाली छात्रों को विज्ञान के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। यह न केवल विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की अग्रणी भूमिका को भी दर्शाता है।
विद्यालय में नवाचार और प्रेरणा का माहौल
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय डोंगरगढ़ में पढ़ाई के साथ-साथ सृजनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाता है। प्राचार्य ने इस उपलब्धि पर विज्ञान विभाग और छात्र को बधाई देते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी ऐसे अवसरों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी है।

