खैरागढ़। जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर राज्य और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर, एसडीएम एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया, जिसमें उन्होंने वर्षों से लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मुख्य मांगें जैसे शासकीयकरण, वेतन में वृद्धि, और समय पर मानदेय भुगतान जैसी गंभीर समस्याएं अब तक केवल आश्वासनों के सहारे टाल दी गई हैं। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे वर्षों से विभिन्न योजनाओं और शासकीय कार्यों को जमीनी स्तर पर अंजाम देती आ रही हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधा नहीं दी जा रही है।
संयुक्त मंच की जिलाध्यक्ष लता तिवारी ने जानकारी दी कि यह आंदोलन केवल खैरागढ़ या राजनांदगांव जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश में एकजुटता के साथ संचालित होगा। खैरागढ़ जिले में ही लगभग 5,000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं, जो वर्षों से शोषण और उपेक्षा का सामना कर रही हैं।
9 से 23 अप्रैल 2025 – विधायक व सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
25 अप्रैल 2025, दोपहर 1:30 बजे – सभी ब्लॉक मुख्यालयों में मुख्य चौराहों पर प्रदर्शन और नारेबाजी की जाएगी, जिससे शासन का ध्यान खींचा जा सके।
1 से 16 मई 2025 – जनसमर्थन हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा।
23 मई 2025 – हर जिले के प्रमुख चौक (गांधी चौक, अम्बेडकर चौक आदि) से सत्याग्रह रैली निकाली जाएगी।
25 मई से 10 जून 2025 – "पोस्ट कार्य भेजो" अभियान के अंतर्गत सभी कार्यकर्ता और सहायिकाएं दो-दो पोस्टकार्ड लिखकर शासन को भेजेंगी।
13 जून 2025 – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय रायपुर में विशाल मार्च किया जाएगा। इसके पश्चात राजधानी नई दिल्ली में महिला बाल विकास मंत्रालय भवन के समक्ष प्रदर्शन की भी रूपरेखा तैयार की जा सकती है
अब आर-पार की लड़ाई" संयुक्त मंच ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि शासन ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

